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30% ज्यादा बिजली बनाकर देंगे ये सीधे खड़े सोलर पैनल: अब छत ही नहीं, घर की दीवार और बालकनी पर भी लगवाएं

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सोलर पैनल लगवाने की सोच रहे हैं लेकिन छत पर जगह की कमी या छाया की समस्या आड़े आ रही है? अब इस झंझट से छुटकारा मिलने वाला है। सोलर एनर्जी सेक्टर में एक नई तकनीक तेजी से लोकप्रिय हो रही है—वर्टिकल (सीधे खड़े) बाईफेशियल सोलर पैनल

पारंपरिक सोलर पैनलों को 30 से 45 डिग्री के कोण पर छत पर लगाया जाता है, जिससे काफी जगह घिर जाती है। वहीं, इन नए पैनल्स को घर की बाहरी दीवारों, बालकनी की रेलिंग, खेतों की बाउंड्री या कंपाउंड वॉल पर 90 डिग्री के सीधे कोण (वर्टिकल) पर आसानी से फिट किया जा सकता है।

दोनों तरफ से धूप सोखकर बनाते हैं 30% तक ज्यादा बिजली

वर्टिकल पैनल्स की सबसे बड़ी खासियत इनकी बाईफेशियल (Bifacial) तकनीक है। यह सामान्य पैनलों की तुलना में 20% से 30% तक ज्यादा पावर जनरेट करते हैं:

  • दोहरी तरफ से बिजली: यह पैनल दोनों तरफ से धूप और रोशनी को सोखते हैं। सामने का हिस्सा सीधे सूरज की रोशनी से बिजली बनाता है, जबकि पीछे का हिस्सा जमीन, दीवार या फर्श से रिफ्लेक्ट होकर आने वाली रोशनी (Albedo Effect) का इस्तेमाल करता है।
  • सुबह और शाम को पीक जनरेशन: पारंपरिक पैनल दोपहर में सबसे ज्यादा बिजली बनाते हैं, जब अक्सर घरों में खपत कम होती है। सीधे खड़े पैनल पूर्व और पश्चिम दिशा की रोशनी को सुबह और शाम के वक्त ज्यादा कैप्चर करते हैं, यानी ठीक उस समय जब घरों में बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है।

पारंपरिक पैनल बनाम वर्टिकल बाईफेशियल पैनल

फीचरपारंपरिक (स्लोप वाले) पैनलवर्टिकल बाईफेशियल पैनल
स्पेस की जरूरतपूरी छत घेर लेते हैंदीवारों, बाउंड्री और बालकनी पर फिट (जीरो फ्लोर स्पेस)
पावर जनरेशनकेवल एक तरफ से (दोपहर में पीक)दोनों तरफ से (सुबह-शाम बेहतर आउटपुट)
धूल और रख-रखावधूल आसानी से जमती है, नियमित सफाई जरूरीसीधे खड़े होने से धूल और बारिश का पानी टिकता नहीं
मौसम का असरतेज हवा में स्ट्रक्चर टूटने का खतरादीवार और मजबूत फ्रेम के सहारे बेहद सुरक्षित

किन जगहों के लिए हैं सबसे बेस्ट?

  • फ्लैट और अपार्टमेंट्स: शहरों में फ्लैट्स की बालकनी रेलिंग पर लगाकर रोजमर्रा के बिजली बिल में बड़ी कटौती की जा सकती है।
  • खेतों की बाउंड्री (एग्री-वोल्टेइक फार्मिंग): किसान इसे खेतों की मेड़ या बाउंड्री फेंसिंग के रूप में लगा सकते हैं। इससे फसल के लिए पूरी जमीन बचती है, खेत की सुरक्षा होती है और अतिरिक्त बिजली भी मिलती है।
  • कमर्शियल बिल्डिंग और विला: ऑफिस और बड़े मकानों की बाहरी दीवारों (Façade) पर लगाने से यह बिल्डिंग को मॉडर्न लुक देने के साथ पावर भी सप्लाई करते हैं।

धूल की झंझट खत्म, खुद-ब-खुद होती है सफाई

पारंपरिक पैनलों पर धूल जमने से उनकी क्षमता 15-20% तक घट जाती है। सीधे खड़े होने के कारण वर्टिकल पैनल्स पर धूल, मिट्टी या पक्षियों की गंदगी आसानी से नहीं टिकती। हल्की बारिश में ही यह पूरी तरह साफ हो जाते हैं, जिससे मेंटेनेंस का खर्च लगभग शून्य हो जाता है।

अगर आप भी जगह की कमी के चलते अब तक सोलर पैनल नहीं लगवा पाए थे, तो अपनी बालकनी या बाउंड्री वॉल को मिनी पावर प्लांट में बदलने का यह सबसे सही समय है।

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