मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और एलपीजी सप्लाई पर पड़े असर के बाद तेल कंपनियों ने गैस वितरण को नियंत्रित करने के लिए बुकिंग के दिनों का दायरा बढ़ा दिया था। इस संकट के दौरान ग्रामीण इलाकों के लिए रिफिल बुकिंग का समय 45 दिन और शहरी इलाकों के लिए 25 दिन तय किया गया था।
अब केंद्र सरकार ने स्थिति की समीक्षा करते हुए ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है।
सरकार का ताजा फैसला: ग्रामीण क्षेत्रों को राहत
- ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती: 7 सितंबर को सरकार ने ग्रामीण इलाकों में रिफिल बुकिंग की समयसीमा को 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दिया है।
- शहरी क्षेत्रों की स्थिति: शहरों में फिलहाल 25 दिन का नियम ही लागू है। इसे घटाकर दोबारा 15 दिन करने को लेकर सरकार या कंपनियों ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
बुकिंग में यह अंतर क्यों रखा जाता है?
- मांग और सप्लाई का संतुलन: अंतरराष्ट्रीय तनाव या आयात में रुकावट के समय सीमित स्टॉक का सभी उपभोक्ताओं में समान वितरण सुनिश्चित करना।
- कालाबाजारी पर रोक: घरेलू रियायती सिलेंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल और बिचौलियों द्वारा अवैध रीफिलिंग रोकना।
अगर 25 दिन से पहले गैस खत्म हो जाए तो क्या करें?
- डबल बॉटल कनेक्शन (DBC): अपनी गैस एजेंसी में जाकर सिंगल कनेक्शन को ‘डबल कनेक्शन’ में बदलवाएं, जिससे घर में एक अतिरिक्त भरा सिलेंडर हमेशा बैकअप में रहे।
- 5 KG छोटू (FTL) सिलेंडर: आपात स्थिति के लिए नजदीकी एजेंसी या पेट्रोल पंप से बिना कागजी झंझट के 5 किलो वाला एफटीएल सिलेंडर तुरंत खरीदा जा सकता है।





