डीजल के बढ़ते दाम और सिंचाई के भारी-भरकम बिजली बिलों से परेशान किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM Scheme) सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरी है। इस योजना के तहत किसानों को अपने खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए 60% से लेकर 90% तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है। यानी किसान को केवल 10% से 40% तक की लागत अपनी जेब से लगानी होती है, जिसे बैंक लोन के जरिए भी पूरा किया जा सकता है।
PM Kusum Yojana 2026: क्या है सब्सिडी का गणित?
पीएम कुसुम योजना मुख्य रूप से तीन घटकों (Components) में बंटी हुई है:
- कंपोनेंट A: बंजर या खाली जमीन पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक के छोटे सोलर प्लांट लगाना और बिजली बेचकर अतिरिक्त कमाई करना।
- कंपोनेंट B: नए स्टैंडअलोन ऑफ-ग्रिड सोलर पंप लगाना (उन इलाकों के लिए जहां बिजली ग्रिड नहीं है)।
- कंपोनेंट C: पहले से लगे ग्रिड-कनेक्टेड बिजली पंपों को सोलराइज करना और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचना।
| खर्च का प्रकार | हिस्सेदारी (%) | विवरण |
|---|---|---|
| केंद्रीय वित्तीय सहायता (MNRE) | 30% | केंद्र सरकार द्वारा सीधे दी जाने वाली सब्सिडी |
| राज्य सरकार की सब्सिडी | 30% से 60% | राज्य सरकारों द्वारा अतिरिक्त टॉप-अप सब्सिडी (पूर्वोत्तर/पहाड़ी राज्यों में अधिक) |
| बैंक लोन सहायता | 30% तक | सरकारी व ग्रामीण बैंकों द्वारा आसान किस्तों पर ऋण |
| किसान का अंशदान | केवल 10% – 40% | किसान को केवल शुरुआती टोकन या लागत का शेष हिस्सा देना होता है |
पात्रता और जरूरी शर्तें (Eligibility)
- आवेदक भारत का मूल निवासी और किसान होना चाहिए।
- आवेदक के नाम पर या पारिवारिक संयुक्त खाते में कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए।
- सिंचाई के लिए पानी का चालू स्रोत (बोरवेल, कुआं, तालाब या नहर) उपलब्ध होना अनिवार्य है।
- कंपोनेंट B (स्टैंडअलोन पंप) के लिए उन किसानों को प्राथमिकता मिलती है जिनके पास पहले से कोई ग्रिड बिजली कनेक्शन नहीं है।
जरूरी दस्तावेज (Required Documents)
- आधार कार्ड और मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
- जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज (जमाबंदी, खतौनी, खसरा या 7/12 नकल)
- बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक (डीबीटी सब्सिडी के लिए)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- पहले से बिजली कनेक्शन होने पर बिजली का बिल (कंपोनेंट C के लिए)
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Registration)
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने राज्य की अधिकृत रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी (SDA) अथवा नेशनल पोर्टल (
pmkusum.mnre.gov.in) पर जाएं। - रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें: होमपेज पर “Farmer Registration / किसान पंजीकरण” लिंक पर क्लिक करें और आधार नंबर दर्ज करके ओटीपी सत्यापित करें।
- पंप का चयन करें: अपनी आवश्यकता, बोरवेल की गहराई और खेती के रकबे के अनुसार पंप का प्रकार (AC/DC सबमर्सिबल या सरफेस) और क्षमता (3 HP, 5 HP, 7.5 HP) चुनें।
- दस्तावेज अपलोड करें: जमीन की नकल, बैंक पासबुक और पहचान पत्र की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- टोकन राशि का भुगतान: आवेदन स्वीकार होने के बाद पोर्टल पर निर्धारित लाभार्थी अंशदान (Farmer Share) का ऑनलाइन भुगतान करें।
- वेरिफिकेशन और इंस्टॉलेशन: नोडल एजेंसी के अधिकारी भौतिक सत्यापन करेंगे, जिसके बाद सूचीबद्ध वेंडर आपके खेत पर सोलर सिस्टम स्थापित करेगा।
प्रमुख राज्यवार आधिकारिक पोर्टल्स (State-wise Links)
पीएम कुसुम योजना का क्रियान्वयन राज्य अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसियों द्वारा किया जाता है:
- उत्तर प्रदेश (UP): कृषि विभाग पोर्टल (
upagriculture.com) - राजस्थान (Rajasthan): राजकिसान साथी पोर्टल (
rajkisan.rajasthan.gov.in) - मध्य प्रदेश (MP): एमपी ऊर्जा विकास निगम (
urja.mp.gov.in) - हरियाणा (Haryana): सरल पोर्टल / हरेडा (
saralharyana.gov.in/hareda.gov.in) - महाराष्ट्र (Maharashtra): मेडा पोर्टल (
mahaurja.com) - बिहार (Bihar): ब्रेडा पोर्टल (
breda.bih.nic.in) - केंद्रीय राष्ट्रीय पोर्टल:
pmkusum.mnre.gov.in
⚠️ सावधानी: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने फर्जी वेबसाइटों और अनाधिकृत बिचौलियों से सावधान रहने की सख्त चेतावनी दी है। पंजीकरण शुल्क या सब्सिडी के नाम पर किसी निजी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें; केवल आधिकारिक सरकारी डोमेन (.gov.in / .nic.in) पर ही लेनदेन करें।


